250 से अधिक सीसीटीवी खंगाले, लूटे गए सोने के दो कंगन, सिक्के व आर्टिफिशियल ज्वैलरी बरामद
लखनऊ । जानकीपुरम के यशोदापुरम कॉलोनी निवासी नीलिमा श्रीवास्तव ( 74 ) की हत्या करने चाला आरोपी इटौंजा निवासी जितेंद्र मिश्र 11 घंटे तक नीलिमा के घर में तख्त के नीचे छिपा बैठा रहा था। रात लॉकर खुलवाने मृतका ने बुलाया तो बदली नियत करीब 11 बजे लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। नीलिमा के विरोध करने पर आरोपी ने गला दबाकर हत्या कर दी और भाग निकला।
जितेंद्र नीलिमा के घर के पड़ोस में रहने वाले सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह के घर पुजारी है। साजिश सिटी मजिस्ट्रेट के घर के दो नौकरों हरदोई के सौरिया बुजुर्ग निवासी दीपक कुमार उर्फ दीपू व सीतापुर के बमहौरा सरैया निवासी सुशील कुमार ने रची थी। पुलिस ने उनको भी गिरफ्तार किया है। एडीसीपी नॉर्थ गोपी नाथ सैनी ने हत्याकाण्ड का खुलासा करते हुए शुक्रवार को बताया कि सीसीटीवी की मदद से मुख्य आरोपी जितेंद्र की पहचान की गई। शुक्रवार को पुलिस ने जितेंद्र और साजिश रचने वाले दीपक कुमार और सुशील कुमार को सलीम तिराहा के पास से गिरफ्तार किया ।
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उनके पास से लूटे गए सोने के दो कंगन, सिक्के व आर्टिफिशियल ज्वैलरी बरामद की गई। तीनों आरोपी पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कुछ दिन पहले नीलिमा ने दीपक को अलमारी का लॉकर खुलवाने के लिए बुलाया था। दीपक और सुशील ने जितेंद्र को बताया कि सोने की अशर्फी, कंगन व काफी सोना रखा देखा था।नीलिमा श्रीवास्तव के पड़ोसी बुलंदशहर में तैनात सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह के घर आठ हजार वेतन पर काम करते हैं। जितेंद्र रोज साइकिल से आता-जाता था, आरोपी दीपक व सुशील सवेंट क्वार्टर में रहते हैं ।
जितेंद्र आठ साल से और दीपक व सुशील 15 साल से संजय के घर काम कर रहे हैं। दो दिसंबर की दोपहर जितेंद्र को मौका मिला और वह नीलिमा के घर में घुस गया और तख्त के नीचे जाकर छिप गया। रात करीब 11 बजे जितेंद्र अलमारी खोलने लगा । खटपट की आवाज सुनकर नीलिमा ने पुजारी जितेंद्र को पहचान लिया तो गला दबाकर हत्या कर दी।
घटना के बाद आरोपी जितेंद्र पैदल सीतापुर रोड स्थित अजीजनगर चौकी तक डेढ़ किलोमीटर गया था। चौकी से हॉफ डाले में बैठकर आरोपी इटौंजा घर भी पहुंच गया। पुलिस ने इटौंजा तक 250 से अधिक सीसीटीवी खंगाले तब आरोपी की पहचान हुई। एसीपी ने बताया कि वारदात के अगले दिन जितेंद्र सिटी मजिस्ट्रेट के घर काम पर आया था।
केस में धारा बढ़ाई जाएगी : एसीपी अलीगंज
एसीपी अलीगंज अरीब खान ने बताया कि इस मामले में अब 331 (8) बीएनएस की धारा बढ़ाई जाएगी। इस धारा के तहत सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गुप्त गृह- अतिचार ( घर में घुसकर ) किसी व्यक्ति को जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना या उसकी मृत्यु का प्रयास करना है। इस अपराध में आजीवन कारावास या 10 साल तक की कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है।
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